मैं एक ऐसी दुनिया की कल्पना करता हूं जहां हर कोई हर दूसरे जीवित प्राणी के साथ सद्भाव से रह रहा है, अपने उच्च उद्देश्यों के साथ।
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हम सब हमेशा चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।
निर्णय हमारे लिए किये जायगें; यदि हम सचेत रूप से उन्हें स्वयम् नहीं लेते हैं।
हमेशा ऐसी परिस्थितियाँ निर्मित होती रहेंगी; जिनसे हम बचना पसंद करते हैं।
हमेशा दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं होती रहेंगी।
इन बाहरी कारकों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है।
हमारी अपनी आंतरिक प्रतिक्रिया ही, एकमात्र नियंत्रण है; जो हमारे पास है और हमेशा रहैगी।
यह हमारा निर्णय है, जिससे अपेक्षा, आशा और मांगने के बजाय; परिस्थितियों की परवाह किए बिना; हम हमारे भीतर उन वास्तविकताओं को बनायें; जिससे हम अंत में खुश, सुरक्षित और प्यारे बने रह सकें।
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